चतुर किसान (Chatur Kisan) ब्लॉग – किसानों के लिए एक सहायक पहल
चतुर किसान एक ऐसा ब्लॉग है जिसे विशेष रूप से किसानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस ब्लॉग का मुख्य उद्देश्य किसानों तक आधुनिक खेती की तकनीकें, सरकारी योजनाओं की जानकारी, बाजार भाव, फसलों की सुरक्षा उपाय और कृषि से जुड़ी हर ज़रूरी जानकारी पहुँचाना है, ताकि किसान भाई अधिक उपज प्राप्त कर सकें और उनकी आय में वृद्धि हो।
क्यों पढ़ें “चतुर किसान”?
क्योंकि यह ब्लॉग सिर्फ जानकारी देने का साधन नहीं है, बल्कि किसानों का डिजिटल साथी है। यहाँ दी जाने वाली हर जानकारी सरल भाषा में होती है ताकि हर किसान आसानी से समझ सकें और अपने खेत में लागू कर सकें ।
भारत के मुख्य कृषि समाचार (अक्टूबर 2025)
भारत के मुख्य कृषि समाचार (अक्टूबर 2025) इस प्रकार हैं:
- मौसम की बड़ी खबरें
- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश व बर्फबारी की संभावना है, जिससे तापमान में तेज गिरावट आ सकती है। मैदानी राज्यों में भी ठंड बढ़ने के आसार हैं।
- बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के चलते अगले 24-48 घंटे में दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में आंधी-तूफान व भारी बारिश की चेतावनी है।
- केरल में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश की संभावना के कारण ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी है।
- सरकारी खरीद और सहायता योजनाएं
- केंद्र सरकार ने दलहन (पल्सेस) और तिलहन (ऑयलसीड्स) की खरीद के लिए 15,000 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है, जिससे एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर बड़ी मात्रा में खरीद हो सकेगी।
- मध्य प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना के तहत 24 अक्टूबर से सोयाबीन की खरीद शुरू हो गई है।
- नई सरकारी पहल और स्कीमें
- 11 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो महत्वपूर्ण योजनाएं लॉन्च कीं:
- पीएम धन-धान्य कृषि योजना
- आत्मनिर्भर दलहन मिशन
इन योजनाओं का उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना, अनाज सुरक्षा मजबूत करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
- आत्मनिर्भर दलहन मिशन के तहत उत्पादन व क्षेत्र विस्तार (2025-31 तक पल्सेस क्षेत्र5 से 31 मिलियन हेक्टेयर), 1.26 करोड़ क्विंटल प्रमाणित बीज, व 88 लाख मुफ्त बीज किट वितरित होगी।
- उत्पादकता और खेत की खबरें
- राजस्थान में रबी सीजन के लिए सरसों की बुवाई पिछले वर्ष के मुकाबले 84% बढ़ी है।
- भारत में खाद्यान्न उत्पादन 40% बढ़ा है और देश गेहूं-चावल में आत्मनिर्भर होकर निर्यात कर रहा है, हालांकि दलहन के उत्पादन में अब भी सुधार की आवश्यकता बनी है।
- अन्य प्रमुख सुर्खियां
- बायोफ्यूल सर्कल जैसी कंपनियां किसानों को ऑर्गेनिक खाद और कृषि-अपशिष्ट से ऊर्जा-उत्पादन के अवसर दे रही हैं।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 20वीं किस्त अगस्त 2025 में जारी हुई।
- 2025 की कृषि नीति के तहत टिकाऊ खेती, क्लाइमेट रेसिलियंट तकनीक और किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य तय किया गया है।
फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की नई घोषणाएँ
सरकार की नई कृषि योजनाएँ और सब्सिडी
मौसम अपडेट और उसका खेती पर असर
नई खेती तकनीक (ड्रोन, सेंसर, AI, स्मार्ट खेती)
खाद, बीज, कीटनाशक की कीमतें और उपलब्धता
कृषि मेले और प्रदर्शनियाँ
किसानों की सफलता की कहानियाँ
निर्यात-आयात समाचार (कौन सी फसल विदेश जा रही है, कीमतें क्या हैं)
भारत में खेतीबाड़ी को सफल बनाने के 10 सबसे असरदार और आधुनिक सुझाव
- मिट्टी की सेहत का ध्यान रखें
- जैविक खाद का इस्तेमाल बढ़ाएँ
- प्रमाणित और उन्नत बीजों का चुनाव करें
- जल प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक अपनाएँ
- वर्षा जल का संचयन करें
- एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) अपनाएँ
- फसलों का सही चुनाव करें
- कृषि ऐप्स और मोबाइल तकनीक का उपयोग करें
- आधुनिक कृषि उपकरण अपनाएँ
- सरकारी योजनाओं और बाजार से जुड़ें
.
सरकारी योजनाएँ और सब्सिडी
भारत जैसे विकासशील देश में आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए सरकारी योजनाएँ और सब्सिडी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों के लिए योजनाएँ लागू करती हैं, जिनसे किसानों, छात्रों, महिलाओं, बेरोजगार युवाओं, बुजुर्गों और गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिलता है।
आज के समय में यह जानना ज़रूरी है कि आपके लिए कौन-सी सरकार की योजना लागू है, उसमें आवेदन प्रक्रिया क्या है और उसका लाभ कैसे लिया जा सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं।
मशरूम की खेती

मशरूम की खेती की शुरुआत से बेचने तक की पूरी जानकारी
मशरूम की खेती (Mushroom Farming) वर्तमान में भारत में सबसे लाभदायक व्यवसायों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे आप एक छोटे से कमरे या फिर झोपड़ी से शुरू कर सकते हैं और इसमें खेती की जमीन की आवश्यकता नहीं होती। मशरूम की खेती एक ऐसी खेती है जिसकी अलग-अलग किस्मों की खेती साल भर कर सकते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में किसानों का रुझान मशरूम की खेती की तरफ तेजी से बढ़ा है साथ ही महिलाएं और रिटायर पर्सन भी इसकी खेती की तरफ जा रहे हैं। इसका खास कारण है कि मशरूम की खेती आमदनी का बेहतर जरिया बन रही है। तमाम युवा अपना जाब छोड़कर इसकी खेती कर रहे हैं और अच्छा पैसा कमा रहे हैं। मशरूम की खेती के लिए किसान किसी भी नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र या फिर कृषि विश्वविद्यालय से प्रशिक्षण ले सकते हैं।