
भारत में खेती की सफल कहानियाँ
भारत में खेती की सफल कहानियाँ किसानों की मेहनत, नवाचार और सरकार व तकनीक से मिली मदद का शानदार उदाहरण हैं। यहां हाल की कुछ प्रेरक सफल किसान कहानियाँ दी जा रही हैं, जिन्हें आप अपने ब्लॉग में प्रमुखता से शामिल कर सकते हैं:
1. काशी (वाराणसी) की महिला किसान सुमन देवी
- सुमन देवी ने 2.5 एकड़ भूमि पर मोटे अनाज और स्वाभाविक (प्राकृतिक) खेती से प्रति सीजन लगभग 3 लाख रुपये की कमाई की।
- उन्होंने दुग्ध उत्पादन और महिलाओं के स्वयं सहायता समूह की मदद से गाँव की 5,000 महिलाओं का नेटवर्क खड़ा किया है। मल्टीग्रेन आटा खुद पैक करके डिजिटल व लोकल मार्केट में बेचती हैं।
- उनका मॉडल “स्वस्थ भोजन, स्वच्छ खेती” को प्रोत्साहित करता है और क्षेत्रीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाता है।
2. सतर्कता, जैविक खेती और मुनाफा – महाराष्ट्र के राजेश कुमार
- राजेश कुमार ने रासायनिक खेती छोड़कर जैविक तरीकों से खेती शुरू की, जिसमें कम्पोस्ट खाद, फसल चक्रीकरण और प्राकृतिक कीटनाशक शामिल रहे।
- विषम परिस्थितियों और कर्ज में डूबे होने के बावजूद, उन्होंने ऑर्गेनिक उत्पाद बेचकर लाखों कमाए। बाज़ार से सीधे जुड़ने, जैविक प्रमाणन और खेती को बिजनेस की तरह चलाने से वे करोड़पति किसान बने हैं।
3. मिट्टी की सेहत व जैविक परिवर्तन – आंध्र प्रदेश की भानुमति
- भानुमति ने कर्नूल और फिर प्रॉड्डूटर में 3 एकड़ लीज़ पर ली जमीन पर प्राकृतिक खेती अपनाई। गाय के गोबर, जैविक तरल खाद और इंटर-क्रॉपिंग से उन्होंने दलहन, मोटा अनाज और कपास में जबरदस्त उत्पादन और लाभ कमाया।
- उनका काम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया और 20 देशों के प्रतिनिधियों के सामने पेश हुआ।
4. उभरते ट्रेंड: जैविक और मिश्रित खेती
- भारत में 2025 तक “परमपरागत कृषि विकास योजना” (PKVY) के जरिए 25 लाख से अधिक किसान और 15 लाख हेक्टेयर भूमि जैविक खेती से जुड़ गई है।
- क्लस्टर मॉडल, सामूहिक विपणन और डिजिटल मार्केटिंग से छोटे किसान भी बड़ा लाभ कमा रहे हैं।
- मध्य प्रदेश के किसान मधुसूदन धाकड़ ने टमाटर और सब्ज़ियों की खेती में नवाचार कर करोंड़ों की आमदनी पाई है।
- पश्चिम बंगाल व महाराष्ट्र में औषधीय पौधों और बागवानी से किसान बेहतर आमदनी कमा रहे हैं।
- पंजाब-हरियाणा और उत्तर भारत में ‘कृषि जैव विविधता’ अपनाने से किसान बाजरा, रागी, ज्वार आदि मोटे अनाजों में भी बेहतर सफलता हासिल कर रहे हैं।
इन प्रेरक कहानियों का सार यह है कि नया सोच, टेक्नोलॉजी और मार्केट से डायरेक्ट कनेक्ट करके किसान कम लागत में अधिक मुनाफा, स्थायी खेती और सामाजिक नेतृत्व स्थापित कर सकते हैं।