2025 में किसानों के लिए भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा अनेक कृषि अनुदान और सब्सिडी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इनका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण, कृषि संसाधन, सिंचाई, बीज, खाद, तथा कृषि अवसंरचना के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है.
प्रमुख कृषि अनुदान और सब्सिडी योजनाएँ 2025
- प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना: नए ट्रैक्टर की खरीद पर 20% से 50% तक सब्सिडी, महिला किसानों को 40% से 50% तक विशेष सब्सिडी मिलती है.
- कृषि यंत्र सब्सिडी (SMAM): मल्चर, हैपी सीडर, रोटावेटर, प्लॉ, स्ट्रा मैनेजमेंट, बेलर, सीड ड्रिल, सुपर सीडर आदि कृषि यंत्रों पर 40%–80% तक की अनुदान राशि उपलब्ध.
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM): प्रमाणित बीजों, फर्टिलाइजर, फसल सुरक्षा सामग्री पर 50%–75% तक सब्सिडी.
- मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH): पौधशाला, ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर, ग्रीनहाउस, पॉलीहाउस जैसे बागवानी अवसंरचना के लिए 50%–75% सब्सिडी.
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): फसल बीमा प्रीमियम पर सरकार बड़ी सब्सिडी देती है, जिससे किसानों का बोझ कम होता है.
- डीजल सब्सिडी (प्रमुख राज्यों में): डीजल पंप से सिंचाई करने वाले किसानों को प्रति बीघा या प्रति लीटर डीजल पर सीधी आर्थिक सहायता दी जाती है.
- एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF): कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग यूनिट्स जैसी संरचनाओं के लिए कम ब्याज और सब्सिडी वाले लोन.
- ऑपरेशन ग्रीन्स: टमाटर, प्याज, आलू की प्रोसेसिंग और भंडारण पर सब्सिडी.
- बागवानी मंडी अनुदान योजनाएँ: बागवानी में फ्लोरीकल्चर, सब्जी पौधों, छायागृह, डिजिटाइजेशन आदि के लिए सब्सिडी.
यंत्रवार अनुशंसित सब्सिडी (2025)
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कृषि यंत्र |
अनुमानित सब्सिडी (%) |
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ट्रैक्टर |
20–50% (कमी/क्षेत्र अनुसार) |
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सुपर सीडर |
₹15,000 से ₹1.5 लाख तक |
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जीरो टिल सीड ड्रिल |
₹22,500 से ₹35,200 तक |
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बेलर (छोटी) |
₹1.5 लाख तक |
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बेलर (बड़ी) |
₹9 लाख तक |
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स्प्रिंकलर/ड्रिप |
50–75% तक |
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अन्य कृषि यंत्र |
40–80% तक (राज्यानुसार) |
आवेदन और प्रक्रिया
- अधिकतर सब्सिडी पोर्टल (राज्य कृषि विभाग, डीबीटी पोर्टल, राजकिसान/UPKisan/DBT Agriculture आदि) पर आवेदन से मिलती है.
- चयनित किसानों को राशि सीधी बैंक खाते में या डीलर को ट्रांसफर होती है।
- पात्रता व दस्तावेज सूची क्षेत्र/योजना अनुसार बदलती है.
इन योजनाओं का लाभ किसान समय पर आवेदन करके और आवश्यक दस्तावेज जमा कर प्राप्त कर सकते हैं। कृषि विकास के लिए इन सरकारी योजनाओं का प्रभाव काफी सकारात्मक है.