मुख्य लाभ:
- पात्र किसानों को हर वर्ष ₹6,000 की सीधी नकद सहायता, जो तीन किस्तों में उनके बैंक खातों में जाती है.
- रुपए की यह सहायता खेती करने वाले किसान परिवारों की मूल जरूरतों और कृषि निवेश के लिए आसानी से उपलब्ध होती है.
- देश की सबसे व्यापक प्रत्यक्ष हस्तांतरण योजना, जिसमें 9 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है.
मुख्य सीमाएँ:
- यह लाभ केवल भूमिधर (landholding) किसानों तक सीमित है, अर्थात बटाईदार, किराए के किसान और विशिष्ट श्रेणियों के किसानों को यह उपलब्ध नहीं होता.
- सरकार/संविधान पदधारकों, इन्कम टैक्सदाता, पेंशनर को लाभ नहीं.
- राशि अपेक्षाकृत कम होने के कारण बड़े निवेश में सीधे उपयोगी नहीं.
- आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेजी जाँच में कई ग्रामीणों को दिक्कत आती है या पात्रता जाँच की बारीकी कई बार फायदेमंद किसानों को बाहर कर देती है.
इन दोनों योजनाओं से किसानों को उत्पादन बढ़ाने, आय सुरक्षित करने और विदेश निर्भरता घटाने में लाभ मिला है, परंतु कुछ व्यावहारिक सीमाएँ योजना के असर को पूरी तरह सबके लिए समान नहीं बना पाईं.
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Toggleराज्य-वार अतिरिक्त लाभ और राज्य आवेदन प्रक्रियाएं तुलना
भारत में 2025 में लागू कृषि योजनाओं व सब्सिडी के राज्य-वार अतिरिक्त लाभ और आवेदन प्रक्रियाएँ अलग-अलग हैं, जो हर राज्य की कृषि नीति, बजट और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार डिज़ाइन की गई हैं। नीचे यंत्र/अनुदान, राज्य लाभ और आवेदन की प्रक्रिया का संक्षिप्त तुलनात्मक विवरण दिया गया है.
- उत्तर प्रदेश: ट्रैक्टर सहित दूसरे कृषि यंत्रों पर 40–60% सब्सिडी। प्रदेश के लिए विशेष ‘उत्तर प्रदेश कृषि यंत्र सब्सिडी योजना’, ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन, महिला व SC/ST किसानों को अतिरिक्त प्राथमिकता.
- मध्य प्रदेश: DBT (Direct Benefit Transfer) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन से कृषि यंत्रों पर 50–80% तक अनुदान, जिलावार लॉटरी और पारदर्शी चयन प्रक्रिया.
- राजस्थान: राजकिसान पोर्टल पर आवेदन, तकनीक आधारित पारदर्शिता, ड्रिप सिंचाई, पॉलीहाउस, विशेष जैविक खेती अनुदान। महिला किसानों और सीमांत किसानों को अतिरिक्त सब्सिडी.
- बिहार: DBT कृषि विभाग के पोर्टल पर आवेदन, बीज, कृषि यंत्र, सिंचाई एवं अन्य मदों पर सब्सिडी; क्षेत्रफल व क्रॉप-वार Limit के आधार पर निर्धारित.
- पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा: जैविक व बागवानी क्षेत्र के लिए अतिरिक्त अनुदान, ऑनलाइन पोर्टल और क्षेत्रीय कृषि दफ्तर से आवेदन।
आवेदन प्रक्रिया तुलना
राज्य | आवेदन माध्यम | अतिरिक्त लाभ | चयन विधि |
उत्तर प्रदेश | ऑनलाइन (upkisan.org, DAK) | महिला/SC/ST को 50–60% सब्सिडी | पोर्टल लॉटरी |
मध्य प्रदेश | DBT पोर्टल | कृषि यंत्र पर 50–80% अनुदान | जिलावार लॉटरी |
राजस्थान | राजकिसान पोर्टल | ड्रिप, पॉलीहाउस, जैविक खेती | तकनीक आधारित चयन |
बिहार | DBT कृषि विभाग पोर्टल | जिला क्रॉपवार विभाजन | ऑटोमैटिक चयन |
पंजाब/हरियाणा | पोर्टल + कृषि कार्यालय | जैविक/बागवानी सब्सिडी | जिलावार दफ्तर |
मुख्य बिंदु
- कई राज्यों में महिला, SC/ST, सीमांत/छोटे किसानों को उच्च सब्सिडी या विशेष लाभ दिए जाते हैं.
- आवेदन की प्रक्रिया में सम्पूर्ण दस्तावेज अपलोड, ऑनलाइन वेरिफिकेशन, और किसानों की बैंक डिटेल की आवश्यकता होती है.
- प्रक्रिया पारदर्शी व सरल हो रही है—अधिकतर राज्यों ने लॉटरी, स्वचालित चयन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) का प्रयोग शुरू कर दिया है.
- कुछ राज्यों में ऑफलाइन विकल्प भी उपलब्ध हैं, लेकिन प्राथमिकता डिजिटल पोर्टल को दी गयी है.
राज्यवार नीति, क्षेत्रीय जरूरत और लाभार्थी वर्ग के अनुसार किसान अधिक लाभ उठा सकते हैं—सभी विवरण संबंधित राज्य के कृषि विभाग पोर्टल पर जारी होते हैं.